( राम नवमी के पावन अवसर पर प्रभु श्री राम के चरणकमलों में सादर अर्पित। )
रविकुल तिलक, हे दीप्त भाल ,
मुख कमल नव, लोचन विशाल।1।
श्यामल शरीर, ल्यौं मेघ नील,
आजान बाहु , शुभाचरणशील।2।
कोदण्डपाणि, हे श्रीनिवास,
हे हरणताप, सुख के विलास।3।
रिपुदमन श्रेष्ठ, भुजबल प्रताप,
भक्तों के आश,ऋषिगण सुजाप। 4।
हे दीनपाल , करुणा निधान ,
हे जगतपाल, जग के विधान ।5।
शत शत प्रणाम, कोटिश प्रणाम,
तेरा निवास हो मम हृदयधाम।6।
तव स्मरण मात्र हों शंका
विराम,
देवाधिदेव प्रभु श्री
राम ! राम।7।
